साईकल किसकी होगी? आज आएगा चुनाव आयोग का फैसला

0
2872
साईकल

नई दिल्‍ली: उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी में चुनाव चिन्ह “साइकिल” को लेकर हुए विवाद के बीच आज चुनाव आयोग साइकिल की दावेदारी पर अपना फैसला सुना सकता है। चुनाव आयोग में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने साईकल चुनाव चिन्ह पर अपना दावा ठोंका है।

मुलायम का तर्क है कि वह पार्टी के अभी भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं इसलिए साइकिल उनको मिलनी चाहिए, जबकि अखिलेश यादव खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायकों, सांसदों का समर्थन होने की बात कहकर साइकिल पर अपना दावा कर रहे हैं।  ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि चुनाव आयोग अस्थाई फैसला लेते हुए साइकिल को फिलहाल फ्रीज कर दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित कर सकता है।

अखिलेश गुट के नेता रामगोपाल यादव साफ कर चुके हैं कि अगर साइकिल अखिलेश को नहीं मिलती है तो फिर वो अखिलेश के चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि यूपी में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का नामांकन 17 जनवरी से शुरु होगा। पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को होगा।

समाजवादी पार्टी में लम्बे समय से अंदरूनी घमासान चल रहा है। इस घमासान में एक बार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निष्कासित भी किया जा चुका है। हालाँकि, कुछ समय बाद ही उनका निष्कासन रद्द कर दिया गया था।

इसके अलावा, राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव, जिन्हें अब निष्कासित कर दिया गया है उन्होंने एक आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था। इस अधिवेशन में स्वयं रामगोपाल ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे थे, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

इस अधिवेशन में रामगोपाल ने अखिलेश को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अधिवेशन ने सर्वसम्मति से मंजूर किया था। अधिवेशन ने मुलायम सिंह यादव को सपा का संरक्षक बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी और साथ ही राज्यसभा सांसद अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया था।

इस अधिवेशन के फ़ौरन बाद मुलायम सिंह यादव ने अनुशासनात्मक कार्यवाई करते हुए राज्यसभा सांसद और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here