राजस्थान : भाजपा में बगावत , विधायक ने कहा माफिया और चापलूसों का दरबार बन गयी है पार्टी

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जयपुर : मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्थान नेतृत्व पर राजस्थान से भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी  ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी माफिया और चापलूसों का दरबार बन गयी है।

तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि राजस्थान में पार्टी समर्पण, निष्ठा और योग्यता को एकतरफ कर चापलूसों का दरबार और माफियाओं का दरबार बनती जा रही है। उन्होंने आपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार के सत्ता में रहने तक उनकी जान को खतरा है।
तिवाड़ी ने वसुंधरा राजे पर दो हजार करोड़ का सरकारी बंगला हड़पने का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज करवाने का ऐलान कर दिया है. दरअसल वसुंधरा ने पूर्व मुख्यमंत्री के लिए आजीवन बंगला आवंटित करने का बिल विधानसभा में पेश किया है, जिसका तिवाड़ी खुलकर विरोध कर रहे हैं.

पार्टी की राष्ट्रीय अनुशासन समिति द्वारा जारी नोटिस का जवाब देते हुए तिवारी ने कहा कि राजस्थान के कार्यकर्ता एक नया इतिहास रचेगा वो राजस्थान के भ्रष्ट नेतृत्व के सामने न झुकूंगा और न हीं पीछे हटूंगा।

बीजेपी विधायक ने अपने जवाब में लिखा है, चूंकि आपने हमें मीडिया के जरीये नोटिस भेजा है, इसीलिए मैं जवाब भी मीडिया के जरीये ही भेज रहा हूं। तिवाड़ी ने लिखा है कि आपका नोटिस बीजेपी के कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता का तिरस्कार कर रहा है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा है कि आपने पार्टी को मुख्यमंत्री के यहां गिरवी रख दिया है, तभी तो मेरे ऊपर इतना अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि इस नोटिस को भेजने से पहले एक बार मुझे बुलाकर पूछ ही लेते कि क्या बात है, आपको क्या समस्या है? मैं अपनी तरफ से इन हालात को बताता फिर आप कोई फैसला लेते तो समझ में आता। बिना कभी कोई बात किए मीडिया के द्वारा सार्वजनिक रूप से मुझे सीधे नोटिस देकर सफाई मांगना इससे पता चलता है कि ये सब काम उनके लिये किया जा रहा है जो भ्रष्ट है।

पांच दिन पहले तिवाड़ी को नोटिस जारी  करते हुए बीजेपी की केंद्रीय अनुशासन समिति के अध्यक्ष गणेशी लाल ने जवाब मांगा था। तिवाड़ी पर पार्टी के विरुद्ध गतिविधियों में हिस्सा लेने के आरोप लगे हैं।

नोटिस का जवाब देते हुए तिवाड़ी ने कहा कि मैं पार्टी के कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा नहीं लेने की प्रमुख वजह ये है की मुझे वहां जान का खतरा है। मुझ पर राजस्थान में पांच बार हमला हो चुका है। मुझे और मेरे परिवार को दी गई सुरक्षा इन हमलों से पहले वर्तमान भाजपा सरकार ने हटा दी। उन्होंने कहा की राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष, राजस्थान के राज्यपाल और भारत के गृहमंत्री को इसकी जानकारी मैंने पत्र के माध्यम से भिजवा दी थी।

उन्होंने दावा किया कि सडकों पर उतर कर इस सरकार के खिलाफ संघ से जुडे सभी संगठन-मजदूर संघ, किसान संघ, शिक्षक संघ, विद्यार्थी परिषद, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, यहां तक कि स्वयं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक तक प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन किसी की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। पार्टी सामन्तवाद के रंग-ढंग के आगे नतमस्तक हो रही है।

 

 

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