दहशतगर्द: एक कहानी – मुहम्मद आमिर क़ुरैशी

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    दहशतगर्द
    स्केच: worldatlas.com

    शेख मुहम्मद आमिर क़ुरैशी

    अबू शहर की एक छोटी सी मस्जिद में इमाम था। रोज़ की तरह इशा की नमाज़ पढ़ा कर हस्बे मामूल खाना खा कर घर के क़रीब ही चहल क़दमी के लिये निकला था, मगर अब तक वापस नहीं आया, अब तो रात के बारह बज चुके थे और अबू की बीवी अक़ीला अपने तीन महीने के मासूम इमरान को अपने सीने से चिपकाये बेचैनी से करवटें बदल रही थी, करवटें बदलते बदलते कब उसकी आँख लग गयी उसे पता ही नहीं चला।

    अचानक दरवाज़े पर किसी ने ज़ोर से कुंडी खड़खड़ायी और कुंडी की आवाज़ से अक़ीला हड़बड़ा कर उठ बैठी, और तेज़ी से दरवाज़े की तरफ भागी कि शायद अबू आ गया है मगर मोअज़्ज़िन क़ासिम साहब की आवाज़ सुन कर घबरा कर ठिठक गयी उसका दिल किसी अनहोनी के अंदेशे से लरज़ उठा, बड़े जतन से उसने खुद पर क़ाबू करते हुये दरवाजे को खोलने से पहले क़ासिम साहब से पूछा, ‘इमरान के अब्बू कहाँ हैं’?

    क़ासिम ने जवाब दिया कि फज्र का वक़्त निकलने वाला है और अबु साहब अब तक नहीं आये तमाम मुक़तदी मुन्तज़िर हैं और मैं इमाम साहब को बुलाने आया हूँ ,ये सुन कर अक़ीला की रही सही हिम्मत भी जवाब देने लगी और उसने भर्रायी हुयी आवाज़ में जवाब दिया कि वो तो कल रात से घर नहीं आये,अक़ीला का जवाब सुन कर मोअज़्ज़िन क़ासिम साहब भी हैरत में पड़ गये और बोले ,’आप परेशान ना हों हम अभी नमाज़ से फारिग़ हो कर पता करते हैं’। ये कह कर वो भी हैरान परेशान वापस मस्जिद लौट गये।

    नमाज़ के बाद मुतावल्ली हामिद साहब और इलाही चचा को इमाम साहब की रात से गुमशुदगी का वाक़िआ बताया। इमाम अबु की रात से गुमशुदगी की बात सुन कर हामिद साहब और इलाही चचा भी फिक्र में मुब्तिला हो गये। इलाही चचा ने कहा, ‘अबू काफी ज़िम्मेदार लड़का है। पिछले तीन साल में जब से उसे इमामत के मनसब पर मुक़र्रर किया गया है। आज तक इस तरह से वो कहीं गया ही नहीं फिर ये अचानक बिना बताये कहाँ चला गया’?

    हामिद साहब भी सोच में पड़ गये और तीनों लोग बातें करते हुये मन्नू के चाय के होटल पहुँच गये जहाँ पहले से चार पांच लोग इमाम साहब की गुमशुदगी पर चर्चा कर रहे थे क्योंकि सुबह होते ही ये खबर लोगों में मशहूर होने लगी थी।

    हर शख़्स अंदर ही अंदर इमाम साहब की गुमशुदगी से ख़ौफ़ज़दा था और किसी अनहोनी के अंदेशे में मुब्तिला ज़रूर था मगर कोई शख़्स अपनी ज़ुबान से कुछ कहना नहीं चाहता था इतने में ‘पेपर’ की आवाज़ आयी और अखबार वाला मन्नू के होटल पर अखबार डाल कर चला गया, मन्नू ने अखबार इलाही चचा के हाथ में दे दिया।

    इलाही चचा अखबार का फ्रंट पेज खोलते ही लरज़ उठे जिसमें इमाम साहब की बड़ी सी तस्वीर के साथ सुर्ख़ी थी, ‘ दहशतगर्द संगठन जैशे मोहम्मद का एरिया कमांडर आटोमेटिक राइफल,पांच किलो आरडीएक्स और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार’।

     

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