एबीवीपी का विरोध करने पर कारगिल शहीद की बेटी की बीजेपी एमपी ने की दाऊद से तुलना, वीरेंद्र सहवाग ने भी कसा तंज

0
2852

नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर छात्र संगठन एबीवीपी के खिलाफ अपने पोस्ट के वायरल होने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा गुरमेहर कौर ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर ही जान से मारने और रेप की धमकियां मिली हैं। करगिल शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने कहा उसके रूख के कारण उसे नफरत भरे संदेश मिले हैं। गुरमेहर कौर लेडी श्रीराम कॉलेज में पढ़ती हैं ।

रामजस में हुई झड़प के बाद शहीद की बेटी गुरमेहर कौर ने अपने फेसबुक पेज पर कुछ पोस्ट डाले थे, जिसमें उसके हाथ में ABVP के विरोध के बैनर थे।  साथ ही लिखा था कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, युद्ध ने मारा है।

गुरमेहर की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी थी | उन्होंने ने आरोप लगाया कि इस पोस्ट के बाद मुझे राष्ट्रविरोधी कहा जा रहा है और मेरा मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सब बहुत डराने वाला है  जब कोई आपको हिंसा या रेप की धमकी देने लगे।

गुरमेहर  को एबीवीपी की तरफ से मिल रही धमकियों के अलावा  पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक फ़ोटो ट्वीट कर शहीद की बेटी पर तंज कसा है।  वीरेंद्र सहवाग ने फ़ोटो ट्वीट की है जिसमें लिखा है बैट में है दम! दो बार तिहरा शतक मैंने नहीं, मेरे बैट ने लगाया।


इसके अलावा बीजेपी सांसद ने  ट्वीट कर शहीद की बेटी पर निशाना साधा है। जिस से इस मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने गुरमेहर कौर की तुलना दाऊद इब्राहिम से करते हुए एक तस्वीर ट्वीट किया। इसमें दाऊद से गुरमेहर की तुलना की गई है। सोशल मीडिया पर बीजेपी सांसद के इस पोस्ट की कड़ी आलोचना हो रही है।

गौरतलब है कि बीते बुधवार को रामजस कॉलेज के सेमिनार में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को वक्ता के तौर पर बुलाए जाने का एबीवीपी के छात्र विरोध करने पहुंचे थे। विरोध हिंसक होने पर करीब 20 छात्र घायल हो गए थे। उमर खालिद राजद्रोह के मामले में आरोपी है। डीयू की छात्रा गुरमेहर ने 140 शब्दों के फेसबुक पोस्ट में पूरे मामले का जिक्र किया था। गुरमेहर का फेसबुक कैंपेने सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

आपको बता दें कि गुरमेहर कौर के पिता मंदीप सिंह सेना में कैप्टेन थे और 1999 में करगिल की लड़ाई में शहीद हो गए थे। लुधियाना की रहने वाली गुरमेहर को राजनीति में आने से कोई परहेज नहीं है, लेकिन वो लेखक बनना चाहती हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here